आईएएस कैसे बने IAS banne ki संपूर्ण जानकारी

आईएएस कैसे बने (How to become IAS): आज के समय में आईएएस बनना हर किसी का सपना बन गया है जो भी कैंडिडेट गवर्मेंट की तैयारी करते है उनके अंदर यह जूनून जरुर आता है की वह ias की तैयारी करे। तो आज के इस पोस्ट में हम आईएएस कैसे बने इसकी सभी डिटेल्स जानेंगे ताकि आप जब भी आईएएस की तैयारी करने बैठे तो आपके अंदर कोई भी कन्फूजन न रहे।

हर साल UPSC आईएएस के चुनाव के लिए रिजल्ट कोशिश करती है जब हम रिजल्ट में  टॉपर्स के बारे देखते है तब  हमे भी यह ख्याल आता है की काश हम भी आईएएस अफसर बन सकते बहुत सी मोटिवेशन स्टोरी देखकर टॉपर्स के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने लगते है

की उन्होंने कैसे तयारी की होगी क्या उनके सौर्सेस रहे होंगे और हम हर एक – एक चीज एकत्रित करने लगते है चाहे वह अंग्रेजी मध्यम से हो या हिंदी मध्यम से जिसे जुनुन आ जाता है वह हर असंभव को चुनौती देने के लिए तैयार हो जाता है।

इसलिए आज आप बेफिक्र रहे कोई भी ऐसा पॉइंट नहीं छोड़ेंगे जिससे आगे जा कर आपको कोई दिक्क्त सामना करनी पड़े। इस पोस्ट में हर वह प्रश्न का आपको हल मिलेगा चाहे आप 10th में हो या 12th में आप अपनी तैयारी अच्छे तरीके से कर सकेंगे।

फिर भी कोई डाउट हो तो आप मुझसे कमेंट सेक्शन में कमेंट करके सवाल भी पूछ सकते है आपको इसका उत्तर जरूर मिलेगा क्योकि यह पोस्ट में आपकी जरूरत के हिसाब से लिख रही हूँ।आईएएस बनना किसी जंग से कम नहीं होता है यह एग्जाम भारत का एक लोकप्रिय और पावॅर फुल एग्जाम  माना जाता है।

Table of Contents

आईएएस कैसे बने ( how to become IAS)

आईएएस कैसे बने
आईएएस कैसे बने

एक आईएएस ऑफिसर कोन होता है | Who is an IAS officer?

एक आईएएस  यानी (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी भारत में एक सिविल सेवक है जो भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS से संबंधित है, जो संघ लोक सेवा आयोग (UPSC ) के तहत प्रतिष्ठित सेवाओं में से एक है। आईएएस अधिकारियों की भर्ती सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से की जाती है, जो UPSC द्वारा आयोजित की जाती है।

आईएएस अधिकारी सरकार में प्रमुख पदों पर होते हैं और देश के प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे केंद्र सरकार से लेकर राज्य और स्थानीय प्रशासन तक सरकार के विभिन्न स्तरों पर नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार हैं।

ये अधिकारी सामान्यवादी होते हैं और उनसे प्रशासन, विकास, कानून और व्यवस्था और सार्वजनिक नीति सहित विभिन्न डोमेन में विविध जिम्मेदारियों को संभालने की उम्मीद की जाती है।

एक आईएएस अधिकारी के करियर पथ में आम तौर पर एक उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) या सहायक कलेक्टर के रूप में शुरुआत करना और धीरे-धीरे जिला मजिस्ट्रेट या कलेक्टर, आयुक्त, सचिव और यहां तक ​​कि केंद्रीय स्तर पर कैबिनेट सचिव जैसे उच्च पदों तक पहुंचना शामिल होता है। .

आईएएस अधिकारी अक्सर विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों में तैनात होते हैं, और उनके काम में निर्णय लेना, नीति कार्यान्वयन और सार्वजनिक सेवा शामिल होती है। उन्हें वित्त, राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में काम करते हुए, देश के समग्र शासन और विकास में योगदान करते हुए पाया जा सकता है।

जिला मजिस्ट्रेट या जिला कलेक्टर की भूमिका आईएएस अधिकारियों द्वारा धारण किए जाने वाले उल्लेखनीय पदों में से एक है, जहां वे एक जिले के समग्र प्रशासन और विकास के लिए जिम्मेदार होते हैं।

ये ऑफिसर्स निम्नलिखित क्षेत्रों में काम कर सकते हैं:

  1. प्रशासनिक सेवा (IAS ): इसमें विभिन्न स्तरों पर निर्देशन, प्रबंधन, और निगरानी के कार्य शामिल होते हैं।
  2. पुलिस सेवा (IPS ): आईएएस ऑफिसर्स पुलिस सेवा में भी काम कर सकते हैं और विभिन्न प्रकार के कठिनाईयों का सामना कर सकते हैं।
  3. वित्तीय सेवा: वित्त मंत्रालय या रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया जैसे संगठनों में आईएएस ऑफिसर्स को वित्त के क्षेत्र में काम करने का अवसर मिल सकता है।
  4. विदेश सेवा: आईएएस ऑफिसर्स को कई बार विदेश सेवा में नियुक्ति मिलती है, जहां वे भारत के प्रति विदेश में दूतावासों में काम कर सकते हैं।
  5. विज्ञान और प्रौद्योगिकी: आईएएस ऑफिसर्स साइंस, टेक्नोलॉजी और अनुसंधान के क्षेत्रों में भी काम कर सकते हैं।

इन्हें लोगों के बीच “डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट” या “कलेक्टर” के रूप में भी जाना जाता है, और वे अपने क्षेत्र में विकास और न्याय को सुनिश्चित करने के लिए काम करते हैं।

आईएएस कैसे बने – How to become IAS 

आईएएस (भारतीय प्रशासनिक सेवा) अधिकारी बनने के लिए भारत में संघ लोक सेवा आयोग यानी (यूपीएससी) द्वारा आयोजित एक competitive और कठोर चयन प्रक्रिया शामिल होती है। आईएएस अधिकारी बनने के लिए सामान्य चरण पुरे होने चाहिए। 

1. शैक्षणिक योग्यता

आपके पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना बहुत जरुरी होता है।  डिग्री किसी भी विषय में हो सकती है इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है की आपने किस स्ट्रीम से ग्रेजुएशन कम्पलीट किया है। लेकिन 45% से ऊपर मार्क्स होना बहुत जरुरी है। 


2. आयु सीमा:

परीक्षा वर्ष के 1 अगस्त को उम्मीदवार की आयु 21 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। कुछ श्रेणियों के लिए ऊपरी आयु सीमा में छूट है।

  • आयु सीमा जनरल कैटगरी के लिए 21 से 32 साल ,SC /ST कैटगरी के लिए 21 से 37 साल  OBC कैटगरी के लिए 21 -35 आयु सीमा होना जरुरी है ।


3. प्रयास सीमा लिमिट

सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए प्रयासों की संख्या 6 तक सीमित है और आरक्षित श्रेणियों से संबंधित उम्मीदवारों के लिए प्रयास अधिक  होते  हैं।

4. सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 

आईएएस चयन प्रक्रिया सिविल सेवा परीक्षा यानी (सीएसई) का हिस्सा होता है, जो यूपीएससी द्वारा आयोजित की जाती है। सीएसई में तीन चरण होते हैं:

प्रारंभिक परीक्षा: यह एक वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा है जिसमें दो पेपर होते हैं – सामान्य अध्ययन और सिविल सेवा योग्यता परीक्षा (CSAT)। प्रीलिम्स के अंक अंतिम रैंकिंग के लिए नहीं गिने जाते हैं बल्कि यह एक क्वालीफाइंग राउंड होता है। 

मुख्य परीक्षा: इसमें नौ पेपर होते हैं, जिनमें निबंध-प्रकार के प्रश्न शामिल होते हैं। पेपर में विषयों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल होती है।

साक्षात्कार (व्यक्तित्व परीक्षण): मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है जहां एक पैनल सार्वजनिक सेवा में करियर के लिए उनके व्यक्तित्व, संचार कौशल और suitability का आकलन किया जाता है ।

5. प्राथमिकता के रूप में आईएएस चुनें

जब आप आवेदन पत्र भरे तब आपको भरते समय, आपको को अपनी प्राथमिकता के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) का चयन करना होगा।


6 .प्रशिक्षण (Training) के बाद 

जैसे ही आप सीएसई और साक्षात्कार को सफलतापूर्वक पास कर लेते तो उसके बाद, उम्मीदवारों को मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण दिया जाता है, जिसके बाद जिला प्रशिक्षण दिया जाता है।

7 .पोस्टिंग

प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उम्मीदवारों को उनकी प्राथमिकताओं और अंतिम योग्यता सूची में रैंकिंग के आधार पर आईएएस सहित विभिन्न राज्य कैडर और सेवाओं में आवंटित किया जाता है।


8. जब आईएएस अधिकारी के रूप में पुष्टि होती है 

प्रशिक्षण और probation अवधि के सफल समापन पर, उम्मीदवारों को आईएएस अधिकारी के रूप में पुष्टि की जाती है और विभिन्न प्रशासनिक पदों पर तैनात किया जाता है।

यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है एक उमीदवार के लिए कि प्रक्रिया अत्यधिक competitive और कठिन होती है। उम्मीदवारों को सामान्य ज्ञान और समसामयिक मामलों दोनों के संदर्भ में अच्छी तरह से तैयार होने की आवश्यकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को सिविल सेवा परीक्षा के संबंध में नवीनतम अपडेट और अधिसूचनाओं के लिए आधिकारिक यूपीएससी वेबसाइट को नियमित रूप से जांचना चाहिए।

UPSC एग्जाम क्या है 

अब बात करते है UPSC एग्जाम के बारे में तो यह एग्जाम UPSC सिविल सेवा परीक्षा यानी ( Civil Services Examination ) यह भारत में भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS ,IFS ,IPS सहित अन्य रिक्त पद को भरने के लिए यह भर्ती को आयोजित करता है।

यानी आईएएस का एग्जाम डायरेक्ट नहीं होता है इसका पद हमें  UPSC एग्जाम को क्लियर करने के बाद ही मिलता है यह जॉन होते है जैसे – IAS , IPS ,IFS  आदि जो UPSC एग्जाम क्लियर होंने के बाद ही आप एक आईएएस officer बनते है। UPSC अपना एग्जाम हर साल कंडक्ट कराती है जिसकी तैयारी करने में आपका पूरा एक साल से ज़्यादा का समय लग जाता है।

इसलिए इस एग्जाम को क्लियर करने के लिए परीक्षा की सटीक जानकारी , स्मार्ट प्रेपरेशन , मेहनत और लगन की आवयश्कता होती है साथ ही आपको यह पता होना चाहिए की सिलेबस में आप से  क्या – क्या पूछा जा रहा है। जब तक आपको इन सब बातो की जानकारी नहीं होती है आप इस एग्जाम को क्लीयर कर ही नहीं पाएंगे।

तो आईये अब हम इसके सिलेबस और पैटर्न के बारे में सटीक से जानते है। जैसे की आप जानते है आईएएस बनने के लिए हमे UPSC का एग्जाम देना होता है जोकि यह तीन चरणों में कम्पलीट होता है।

  1. प्रिलिम्स एग्जाम
  2. मैन्स एग्जाम
  3. साक्षात्कार

प्रिलिम्स एग्जाम की जानकारी 

  • सबसे पहले प्रीलिम्स एग्जाम में दो पेपर होते है पहला जनरल स्टडीज और दूसरा CSAT
  • यह दोनों एग्जाम ऑब्जेक्टिव होते है।
  • दोनों पेपर 200 -200 मार्क्स के रहते है। प्रश्न सही करने पर आपको 2 अंक दिए जाते है।
  • पहले पेपर (जनरल स्टडीज) में 100 प्रश्न होते है और दूसरे पेपर (CSAT) में 80 प्रश्न पूछे जाते है।

यह एग्जाम हिंदी या इंग्लिश दोनों भाषाओं को प्रेफर करता है। आप किसी एक भाषा को चुन कर इस एग्जाम को दे सकते। यह आप पर निर्भर करता है की आप किस भाषा में कन्फर्टेबल है। लेकिन प्रिलिम्स एग्जाम में 1/3 माइनस मार्किंग रहती है।

Click >> UPSC आईएएस सिलेबस इन हिंदी (प्रीलिम्स और मैन्स)

मैन्स एग्जाम की जानकारी 

जैसे ही प्रिलिम्स एग्जाम को पास कर लेते है उसके बाद आती है मेंस की बारी जिसे निकालना अभ्यर्थी के लिए बड़ा टास्क होता है।  यह लिखित एग्जाम होता है जिसमे आप से 9 प्रकार के प्रश्न पत्र पूछे जाते है।दो पेपर लैंग्वेज के होते हैं

जो क्वालीफाइंग होते है इसमें 33 फीसदी नंबर चाहिए होते है। और बाकी 7 पेपर करने के बाद ही आपकी मैरिड लिस्ट बनती है। UPSC Mains एक ऑफलाइन परीक्षा है।प्रत्येक पेपर 250 -अंक और 3 घंटे का रहता है।

साक्षात्कार 

प्रिलिमस और मैन्स  का एग्जाम क्लियर करने के बाद आपका फाइनल  इंटरव्यू  किया जाता है। और जब आप इसमें पास हो जाते है तब आप एक आईएएस या IPS का पद हासिल कर लेते है।

आईएएस कैसे बने |आईएएस बनने के लिए क्या करना पड़ता है

आईएएस बनने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स 

1 .सबसे पहले बारवीं पास करे 

यदि आप 12 वी में है या अभी कर रहे है तो पहले आप को 12 वी पास कर लेना चाहिए । बारवी किसी  भी विषय से कर सकते है चाहे वह आर्ट हो साइंस हो या कॉमर्स। उसके बाद आप आईएएस की तैयारी में लग सकते है।

 2 . ग्रेजुएशन को कम्पलीट करे 

जैसे ही आपकी बारवी होती है फिर आपको ग्रेजुएशन या स्नातक  डिग्री को कम्पलीट करना है। जिसमे आपके मिनिमम 50 % माक्स होने चाहिए। अगर आपने BA , B.COM , B.SC, engineer, doctor या कोई भी डिग्री कोर्स किया हो तो आप UPSC का एग्जाम देने के लिए एलिजिबल होते है।

3 . Upsc एग्जाम के बारे में जानकारी इकठ्ठा करे 

सबसे पहले आप को यूपीएससी की जानकारी इकठ्ठा करनी है और समझे यह एग्जाम होता क्या है। इसके लिए मेंने आपको सारी जानकारी बता दी है ।

4 . अब यूपीएससी के सिलेबस और पैटर्न को समझे

सिलेबस और पैटर्न की जानकारी होने से आप को यह समझ आजाता है की यूपीएससी कैसे प्रश्न पूछता है और क्या स्केडल है एग्जाम का। कितने नंबर का पेपर है क्या टाइम है यह सब की जानकारी होना बहुत आवश्यक है । इसलिए आप इसके सिलेबस और पैटर्न को अच्छी तरीके से समझ ले ।

5 .पुराने पेपर का अनालिसी जरूर करे

पुराने पेपर का अनालिसिस करने से हमे यह मालूम हो जाता है की यूपीएससी कैसे प्रश्न पूछती है किस टाइप के प्रश्न  आते है और किस सब्जेक्ट से आते है इन सबकी जानकारी आपको हो जाती है ।

6 .अब तैयारी के लिए बुक सोर्सेज को चुने

अच्छी बुक का चुनाव करे जो टॉपर्स द्वारा सजेस्ट किया जाता है जितना हो सके कम बुक सोर्सेज चुने ताकि आपका रिवीजन होता रहे।

7 .पढ़ाई के लिए एक टाइम  बनाय

पढ़ाई के लिए एक ठोस और संगठित टाइमटेबल बनाना बहुत महत्वपूर्ण होता है ताकि आप अध्ययन में regularity बनाए रख सकें।

8 . मॉक टेस्ट दे

मॉक टेस्ट देने के बाद आप अपनी गलतियों का पता लगा सकते हैं और उन्हें सुधार सकते हैं।
 

आप ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स पर उपलब्ध मॉक टेस्ट सीरीज का उपयोग कर सकते हैं या स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों या कोचिंग संस्थानों में उपलब्ध मॉक टेस्ट्स का प्रयास कर सकते हैं। इन टेस्ट्स को नियमित रूप से देने से आप अपनी प्रगति को निगरानी में रख सकते हैं और स्थिति का मूल्यांकन कर सकते हैं ताकि आप अपनी कमियाँ सुधार सकें और परीक्षा में सफलता प्राप्त कर सकें।

9 . रीविजन 

किसी भी कॉम्पिटेटिव एग्जाम की यदि आप तैयारी कर रहे है तो यह आपको जानना बहुत जरुरी है की रीविजन हमारे लिए कितना इम्पोर्टेन्ट पॉइंट होता है असली जड़ यही है एक एग्जाम को क्लियर करने के लिए इसके  बिना आप इस एग्जाम को क्लियर कर ही नहीं सकते। इसलिए आप जो भी पड़ रहे है उसका रीविजन जरुर करे ताकि चीजे आपको दिमाग  में सेट हो सके। 

10 . NCERT 

जब भी आप UPSC एग्जाम की जर्नी शुरू करते है तब आपको सबसे पहले इन NCERT को कम्पलेटली पड़ लेना है इनको पड़ने से आपका बेसिक कांसेप्ट तो क्लियर होता ही है और आगे जब भी आप एडवांस बुक की तरह जाओगे तो वह आपको इतना बोर नहीं करेंगे जितनी वह मोटी बुक होती है। टॉपर्स भी यही suggest करते है की अपनी तैयारी के दौरान इन NCERT बुक को जरूर पड़े 6th – 12th तक। 

अब UPSC का एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते है 

UPSC FORM मार्च या सितंबर के महीनो में भरे जाते है आप तब जाके  फॉर्म को APLY कर सकते है । UPSC का फॉर्म भरने के बाद ही आपको यह एग्जाम देने को मिलता है और फिर आप आईएएस ,IPS , IFC  आदि बनते है। समझले के यही रास्ता होता है आईएएस तक पहुंचने के लिए।

 स्टेप 1 : पहले प्रिलिम्स एग्जाम को क्लियर करे

जैसे की अब आपको पता है की प्रिलिम्स एग्जाम को पास करने के बाद ही आप नेक्स्ट एग्जाम लेवल तक पहुंचते  है इसमें आपको पास आउट तक नंबर की जरुरत होती है।  दोनों पेपर अलग – अलग टाइम में किये जाते है लेकिन यह एग्जाम एक ही दिन में होता है।

स्टेप 2 :दूसरा मेंन एग्जाम को क्लियर करे

प्रिलिम्स एग्जाम को पास करने के बाद आप का दूसरा लेवल main exam होता है और काफी लम्बे समय तक इसका पेपर होता है क्योकि  इसमें 9 प्र्शन पत्र मौजूद होते है।  एक मॉर्निंग टाइम में पेपर होता है और एक आफ्टरनून में।

 अब इंटरव्यू को क्लियर करे

इंटरव्यू  आपका लास्ट लेवल है जिसे आपको क्वालीफाई करना होता हैं।  इसमें आपकी बॉडी लैंग्वेज और दिमाग के थॉट को चेक किया जाता है। की आप क्या सोचते है किसी भी मुश्किल को कैसे सभांल पाएंगे या नहीं। जो पेनल आपका इंटरव्यू  लेते है वह आपसे ट्रिकी और कन्फूशन वाले सवालो के ज़वाब मांगते है।

  स्टेप 3 : तीसरा मेरिट लिस्ट में  अपना नाम चेक करे 

सभी एग्जाम में पास होने के बाद UPSC मेरिट लिस्ट को तैयार करती है जिससे  यह पता चलता है की कोन एग्जाम में क्वालीफाई है और कोन फ़ैल। अगर आपका नाम मेरिट लिस्ट में आ जाता है तब आपको रैंकिंग में शामिल किया जाता है।

जिसमे आपकी रैकिंग के हिसाब से आपकी पोस्ट को काउंट कि जाती है प्रथम या दूसरा तब जाके आप  एक आईएएस ऑफ़िसर  बनकर निकलते है।उसके बाद आपकी लास्ट मे ट्रैनिग की जाती है

यह ट्रैनिंक आपकी LBSNAA में होती है लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी भारत में सिविल सेवाओं के लिए एक प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान होता है।

आईएएस की सैलरी जाने

आईएएस (Indian Administrative Service) के अधिकारियों की सैलरी भारत सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है और समय-समय पर बदलती रहती है । सैलरी का निर्धारण संबंधित सरकारी निर्देशिकाओं और समय-समय पर होने वाले वेतन आयोग की सिफारिशों पर आधारित होता है।

आईएएस अधिकारियों की सैलरी का निर्धारण उनकी पदस्थिति, पद और स्थान के आधार पर किया जाता है। इसमें वेतन, महंगाई भत्ता, डीए, हाउस रेंट एलाउंस, मेडिकल भत्ता, ट्रांसपोर्ट भत्ता, वेटेज, एनएचए और अन्य छुट्टियों की भत्ते की सामग्री शामिल होती है।

सैलरी में परिवर्तन संबंधित सरकारी निर्देशिकाओं और वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर होता रहता है, इसलिए सबसे नवीन और सटीक जानकारी के लिए नजदीकी कर्मचारी चयन आयोग या भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट की जाँच करनी चाहिए।

निष्कर्ष

निष्कर्ष यही निकलता है की आईएएस की तैयारी करने के लिए यही सटीक जानकारी होती है आप इस पोस्ट को ध्यान से पढे और समझे सभी जानकारी आपको इस पोस्ट में दी गयी है

जितना हम  समझे है इसमें काफी हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क ज्यादा करना होता है। अपनी सोच के साथ – साथ आईएएस कैसे बने आपने दिमाग को तेज़ करना होता है यह सब क्वॉलिटी आप को एक IAS बनाती है।

FAQs 

Q: UPSC क्या है?

 UPSC (Union Public Service Commission) भारत सरकार का एक संघीय लोक सेवा आयोग है जो विभिन्न सिविल सेवा नौकरियों का चयन करने के लिए जिम्मेदार है।

Q: सिविल सेवा परीक्षा क्या है?

सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination) एक एकल स्तर की प्रवेश परीक्षा है जिससे भारतीय सिविल सेवा में शामिल होने का अवसर मिलता है।

Q: UPSC परीक्षा के लिए योग्यता क्या है?

 आवेदकों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होनी चाहिए।

Q: प्रारंभिक परीक्षा में कौन-कौन से पेपर होते हैं?

प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर्स होते हैं – सामान्य अध्ययन और सिविल सेवा अभिरुचितता परीक्षण (CSAT)।

Q: मुख्य परीक्षा में कौन-कौन से पेपर्स होते हैं?

 मुख्य परीक्षा में नौ पेपर्स होते हैं, जिनमें सामान्य अध्ययन, वैकल्पिक विषय और निबंध शामिल होते हैं।

Q: सिविल सेवा में सफलता प्राप्त करने के बाद क्या होता है?

 सफल उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के बाद विभिन्न सिविल सेवा में नौकरी मिलती है, जैसे कि IAS, IPS, IFS, IRS, आदि।

Q: UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए सुझाव?

 तैयारी के लिए न्यूनतम सिलेबस को समझें, अच्छी पढ़ाई करें, न्यूज़पेपर पढ़ें, टेस्ट सीरीज़ दें, और समय प्रबंधन का ध्यान रखें।

8 thoughts on “आईएएस कैसे बने IAS banne ki संपूर्ण जानकारी”

  1. Hi
    Sir humein books mein badi confusion hoti hai
    Please humein Hindi medium books ke bare mein bata do upsc ke ias ki taiyari ke liye

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    • यूपीएससी स्नातक में अंकों के आधार पर उम्मीदवारों के साथ कोई भेदभाव नहीं करता है। इसलिए, आईएएस पात्रता शर्त के रूप में कोई न्यूनतम योग्यता प्रतिशत नहीं है। इसलिए आप फॉर्म भर सकते है

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  2. hello sir
    humara question hai ki kya ias bane ke liye best coaching classes join krna jruri hai kya hum ghar se ias ke tayari nahi kr sakte agear hai to kese

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